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बिहार में विधवा महिलाओं के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भारतीय विधवा महिला उत्थान फाउंडेशन की पहल, ₹5,000 पेंशन की मांग

बिहार में विधवा महिलाओं के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भारतीय विधवा महिला उत्थान फाउंडेशन की पहल, ₹5,000 पेंशन की मांग


पटना, 22 सितंबर 2026।
बिहार में विधवा महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भारतीय विधवा महिला उत्थान फाउंडेशन की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्था ने प्रेस वार्ता के माध्यम से विधवा महिलाओं की आर्थिक स्थिति और उनके सामने आने वाली सामाजिक समस्याओं को लेकर अपनी मांगें रखीं।

1. विधवा महिलाओं के लिए ₹5,000 मासिक पेंशन की मांग

फाउंडेशन की सबसे प्रमुख मांग विधवा महिलाओं की मासिक पेंशन बढ़ाने को लेकर है। प्रेस नोट के अनुसार वर्तमान में मिलने वाली ₹1,100 मासिक राशि आज की महंगाई और जरूरतों को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। संस्था ने मांग की है कि पात्र विधवा महिलाओं को कम से कम ₹5,000 प्रति माह पेंशन दी जाए, ताकि वे सम्मानजनक तरीके से अपना जीवन-यापन कर सकें।

2. महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा पर जोर

फाउंडेशन का कहना है कि विधवा महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा भी मिलनी चाहिए। संस्था महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने की मांग उठा रही है।

3. बच्चों के भविष्य को लेकर भी पहल

विधवा महिलाओं के साथ उनके बच्चों का भविष्य भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। संस्था के अनुसार बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पालन-पोषण और परिवार की अन्य आवश्यकताओं में सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि आर्थिक परेशानियों के कारण बच्चों की पढ़ाई या भविष्य प्रभावित न हो।

4. विधवा, एकल और परित्यक्ता महिलाओं के अधिकार की आवाज

फाउंडेशन ने अपने अभियान को केवल विधवा महिलाओं तक सीमित नहीं रखने की बात कही है। संस्था की ओर से विधवा, एकल एवं परित्यक्ता महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार, भेदभाव और अन्य समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही गई है।
5. बिहार में जिला स्तर पर संगठन मजबूत करने की तैयारी

फाउंडेशन की ओर से बिहार के अलग-अलग जिलों में महिलाओं से संपर्क करने और उन्हें संगठन से जोड़ने की योजना बताई गई है। उद्देश्य है कि जिला स्तर पर महिलाओं की समस्याओं को समझा जाए और उन्हें एक संगठित मंच उपलब्ध कराया जाए।
6. बिहार प्रदेश की जिम्मेदारी

प्रेस नोट में अधिवक्ता प्रियंका नवीन सिंह को राष्ट्रीय सलाहकार एवं बिहार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उल्लेखित किया गया है। उनके नेतृत्व में बिहार में संगठन को विस्तार देने और महिलाओं तक पहुंच बनाने की बात कही गई है।

7. फाउंडेशन का व्यापक उद्देश्य

संस्था के अनुसार उसका उद्देश्य ऐसी महिलाओं को एकजुट करना है, जो आर्थिक या सामाजिक चुनौतियों के कारण अकेले जीवन-यापन कर रही हैं। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उनकी समस्याओं को प्रशासन तथा समाज के सामने रखने पर जोर दिया गया है।

8. फाउंडेशन के पदाधिकारी


प्रेस नोट में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमन जी और राष्ट्रीय सचिव रुपाली यादवोराव उंडे का उल्लेख है। वहीं अधिवक्ता प्रियंका नवीन सिंह को राष्ट्रीय सलाहकार एवं बिहार प्रदेश अध्यक्ष बताया गया है।

9. महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को मंच देने की तैयारी

फाउंडेशन की ओर से महिलाओं की समस्याओं को सामने लाने के लिए “न्याय और अधिकार फॉर्म” भी जारी किया गया है। इसमें महिला का नाम, वैवाहिक स्थिति, पूरा पता और मुख्य परेशानी/विवरण जैसी जानकारी लेने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को दर्ज कर उन्हें संगठन के माध्यम से सामने लाना बताया गया है।

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