पटना/बेगूसराय। बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को एक अधिकारी दंपती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की। पटना के अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति) रवींद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी, जो दानापुर की अवर निबंधक (सब रजिस्ट्रार) के पद पर तैनात हैं, के पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

निगरानी टीम की कार्रवाई के दौरान करीब 39 लाख रुपये नकद, बड़ी संख्या में ब्रांडेड घड़ियां, आभूषण और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बरामद सामान और दस्तावेजों का मूल्यांकन एवं सत्यापन जांच एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है।
1. किन अधिकारियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई एडीएम आपूर्ति रवींद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी के खिलाफ हुई।
रवींद्र कुमार दिवाकर — अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति), पटना
कुमारी स्वीटी — अवर निबंधक/सब रजिस्ट्रार, दानापुर, पटना
निगरानी टीम ने दोनों अधिकारियों के पटना और बेगूसराय स्थित आवासों को जांच के दायरे में लिया।
2. घर से कितनी नकदी बरामद हुई?
छापेमारी के दौरान अब तक करीब 39 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की जानकारी है।
बताया गया है कि—
दानापुर, पटना स्थित आवास से करीब 30 लाख रुपये
बेगूसराय स्थित आवास से करीब 9 लाख रुपये
नकदी बरामद हुई है।
बरामद नोटों में बड़ी संख्या में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां होने की बात सामने आई है।
3. चार बड़े बक्सों में मिलीं महंगी घड़ियां
छापेमारी के दौरान निगरानी टीम को चार बड़े बक्सों में रखी तीन दर्जन से अधिक ब्रांडेड घड़ियां भी मिली हैं।
घड़ियों की संख्या और ब्रांड की जांच की जा रही है। उनकी वास्तविक कीमत का आकलन अभी किया जाना बाकी है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इन घड़ियों की खरीद कब, कहां और किस माध्यम से की गई थी।
4. ज्वेलरी और निवेश के दस्तावेज भी मिले
नकदी और घड़ियों के अलावा निगरानी टीम को ज्वेलरी तथा निवेश से संबंधित दस्तावेज भी मिलने की जानकारी है।
इन दस्तावेजों की जांच के जरिए अधिकारियों की घोषित आय, संपत्ति, निवेश और खर्च के बीच संभावित अंतर का सत्यापन किया जा रहा है।
5. आय से अधिक संपत्ति का क्या है मामला?
निगरानी विभाग के अनुसार अधिकारी दंपती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों पर उनकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में करीब 1.06 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
इसी मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद अदालत से अनुमति लेकर संबंधित ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई।
6. देर शाम तक जारी रही कार्रवाई
निगरानी टीम की कार्रवाई सोमवार को देर शाम तक जारी रहने की जानकारी सामने आई। टीम ने आवासों में मौजूद नकदी, दस्तावेज, आभूषण, घड़ियों और अन्य सामान का विवरण तैयार किया।
बरामद सामान की कीमत और दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति का आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
7. किन चीजों की जांच कर रही है निगरानी टीम?
जांच के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है—
बरामद करीब 39 लाख रुपये नकद का स्रोत
महंगी घड़ियों की खरीद और वास्तविक कीमत
बरामद आभूषणों का मूल्य
निवेश से जुड़े दस्तावेज
अधिकारियों की घोषित आय और संपत्ति
संपत्ति खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड
बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन
आय और संपत्ति के बीच संभावित अंतर
8. अभी जांच पूरी नहीं हुई है
निगरानी विभाग की कार्रवाई अभी जांच का हिस्सा है। बरामद नकदी, घड़ियों, आभूषण और दस्तावेजों का सत्यापन एवं मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
महत्वपूर्ण: अधिकारियों पर लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने तक उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता। निगरानी की ओर से तलाशी और बरामदगी से जुड़ी अंतिम विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकती है।
बड़ी खबर पर आपकी नजर
पटना में अधिकारी दंपती के ठिकानों पर निगरानी की छापेमारी, 39 लाख कैश, दर्जनों महंगी घड़ियां और निवेश के दस्तावेज बरामद—अब जांच में जुटी एजेंसी कि आखिर इन संपत्तियों और सामान का स्रोत क्या है?








