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बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप पर मंत्रियों के समूह की बैठक, शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार

बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप पर मंत्रियों के समूह की बैठक, शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार

सरल नियम, त्वरित स्वीकृति और पारदर्शी प्रक्रियाओं पर जोर; भवन निर्माण और निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी

 

पटना, 5 सितंबर 2026। बिहार में भवन निर्माण और शहरी विकास की प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। शनिवार को सिंचाई भवन स्थित सभागार में नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप पर गठित उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने की।

 

बैठक में प्रस्तावित भवन उपविधि-2026 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से भवन निर्माण से जुड़ी नियामक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने, स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज करने तथा राज्य के शहरों में सुनियोजित एवं आधुनिक विकास को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों पर मंथन हुआ।

 

हितधारकों के सुझावों को बताया महत्वपूर्ण

 

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बैठक में सभी हितधारकों के सुझावों और सकारात्मक सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 को अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाने में हितधारकों की ओर से प्राप्त सुझाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

उन्होंने विशेष रूप से उच्चस्तरीय समूह के सदस्य मंत्रियों, नगर विकास एवं आवास विभाग, विभाग के प्रधान सचिव तथा अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की।

 

सरल नियमों से भवन निर्माण और निवेश को मिलेगी गति

 

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप पारदर्शिता, त्वरित प्रक्रियाओं और सतत विकास के सिद्धांतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित उपविधि बिहार के शहरी परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव लाने और सुव्यवस्थित एवं विकासोन्मुख शहरीकरण को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विकसित बिहार के विजन के अनुरूप इस प्रारूप में राज्य के शहरों के सुनियोजित, आधुनिक और तेज विकास को प्राथमिकता दी गई है। सरल और पारदर्शी नियमों से भवन निर्माण तथा निवेश की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। इससे शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास के साथ आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों के विस्तार में भी मदद मिल सकती है।

 

प्रधान सचिव ने प्रस्तुत किया प्रस्तावित उपविधि का प्रारूप

 

बैठक के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने मंत्रियों के समूह के सदस्यों और उपस्थित हितधारकों के समक्ष बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।

 

उन्होंने प्रस्तावित उपविधि के प्रमुख प्रावधानों के साथ-साथ भवन निर्माण से संबंधित नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और शहरी विकास को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

 

बैठक में कई विभागों के मंत्री रहे मौजूद

 

बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सह ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता विभाग के मंत्री रामकृपाल यादव, नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय कुमार सिंह मौजूद रहे।

 

इसके अलावा विभाग के सचिव सह बुडको प्रबंध निदेशक अनिमेष पराशर, पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा, विभाग के वरीय अधिकारी तथा विभिन्न संबंधित संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।

 

बैठक में क्रेडाई बिहार, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, बिल्डर्स एसोसिएशन, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ फ्लैट ऑनर्स भी उपस्थित रहे। हितधारकों की भागीदारी से प्रस्तावित भवन उपविधि को व्यावहारिक और जनोपयोगी बनाने पर भी चर्चा हुई।

 

क्या है बिहार भवन उपविधि-2026 का उद्देश्य?

 

प्रस्तावित बिहार भवन उपविधि-2026 का व्यापक उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाना, अनावश्यक नियामक जटिलताओं को कम करना तथा शहरी क्षेत्रों में योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देना है। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिससे भवन निर्माण, निवेश और शहरी आधारभूत संरचना के विकास को गति मिल सके।

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