AI, करियर और कौशल विकास को लेकर युवाओं में दिखा उत्साह

चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान, पटना द्वारा बिहार के युवाओं के लिए संचालित कैरियर एवं कौशल विकास कार्यक्रम ‘सामर्थ्य’ का सफल आयोजन मंगलवार, 20 मई 2026 को गया जिले के हरिदास सेमिनरी ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन गया एवं मगध विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 600 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), भविष्य के करियर अवसरों, कौशल विकास तथा छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए CIMP के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुमोद कुमार ने कहा कि ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम बिहार के युवाओं को नई संभावनाओं और आधुनिक कौशलों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को आत्मविश्वासी, सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है।
उन्होंने AI जैसी उभरती तकनीकों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए नई तकनीकों की समझ बेहद जरूरी है और CIMP लगातार इस दिशा में सार्थक प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम की सफलता के लिए उन्होंने मगध विश्वविद्यालय के कुलपति, गया के जिलाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षकगण, संकाय सदस्यों और कार्यक्रम में शामिल सभी छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान CIMP की प्रोफेसर प्रो. राजश्री पिल्लई एवं प्रो. प्रिया नाथ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर विस्तृत एवं संवादात्मक सत्र संचालित किए। उन्होंने छात्रों को AI के मूल सिद्धांत, इसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य में इसकी बढ़ती भूमिका के बारे में जानकारी दी। छात्रों ने भी सत्र के दौरान सक्रिय भागीदारी करते हुए तकनीक से जुड़े कई सवाल पूछे।
इसके अतिरिक्त डॉ. अंकित शर्मा ने छात्रों को प्रबंधन शिक्षा, करियर संभावनाओं तथा विभिन्न सरकारी छात्रवृत्ति एवं वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के माध्यम से अपने भविष्य को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया।
‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम के अंतर्गत AI आधारित कार्यशालाएं, कौशल मानचित्रण गतिविधियां, करियर परामर्श, छात्रवृत्ति जागरूकता एवं प्रमाण पत्र वितरण जैसे विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें सही करियर दिशा प्रदान करना था।
समापन सत्र में गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, उद्योग और रोजगार सहित लगभग हर क्षेत्र में AI की भूमिका तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने CIMP की सराहना करते हुए कहा कि ‘सामर्थ्य’ जैसे कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास, जागरूकता और नई सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में अपार क्षमता है और आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन, अवसर और आधुनिक कौशलों से जोड़ने की है। जिला प्रशासन ऐसे सभी प्रयासों का निरंतर समर्थन करेगा जो युवाओं को आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
समापन सत्र के दौरान जिलाधिकारी द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। AI कार्यशाला में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को भी CIMP की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रतियोगिता परिणामों में स्नातक श्रेणी में स्वाति कुमारी ने प्रथम, सृष्टि सिंह ने द्वितीय तथा गीतांजलि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 12वीं श्रेणी में फातिमा रहमान प्रथम, आकाश कुमार द्वितीय और हैप्पी कुमार तृतीय स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंकित शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
‘सामर्थ्य’ केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं को तेजी से बदलती दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करने का व्यापक अभियान है। यह पहल छात्रों में तकनीकी जागरूकता बढ़ाने, आत्मविश्वास विकसित करने और उन्हें नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।









