पटना, 11 जून 2026। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि बिहार में उर्वरकों (खाद) की कोई कमी नहीं है। राज्य में किसानों की जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है तथा विभाग द्वारा संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ कालाबाजारी, जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। विभाग ने इस संबंध में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है और मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल (फ्लाइंग स्क्वाड) एवं जिला स्तरीय जांच टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में यूरिया 2.35 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 4.56 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 8.82 लाख मीट्रिक टन, एमओपी 1.71 लाख मीट्रिक टन तथा एसएसपी 1.17 लाख मीट्रिक टन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 में 10 जून 2026 तक की गई कार्रवाई के तहत अनियमितता पाए जाने पर 43 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। वहीं 213 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किए गए हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरक प्रतिष्ठानों के पीओएस (PoS) मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक रूप से उपलब्ध खाद का लगातार सत्यापन किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में खाद की तस्करी और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग विशेष अभियान चला रहा है। इस दिशा में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित छापेमारी और निगरानी की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक सीमा क्षेत्रों में 19 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 123 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रखंडवार वास्तविक आवश्यकता और आच्छादन क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों का उप-आवंटन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत तत्काल विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। :::
संभावित हेडलाइन:
बिहार में खाद की कोई कमी नहीं, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई जारी: विजय कुमार सिन्हा
43 प्रतिष्ठानों पर FIR, 213 लाइसेंस रद्द; खाद माफियाओं पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन
उर्वरक कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस, सीमा क्षेत्रों में भी सख्त निगरानी
किसानों को राहत: बिहार में पर्याप्त खाद भंडार, सरकार ने दी उपलब्धता की गारंटी









