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बिहार में नगर निकायों के पुनर्गठन की तैयारी, शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार: नीतीश मिश्रा

पटना | 14 जुलाई
बिहार सरकार तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए राज्य के नगर निकायों के पुनर्गठन, क्षेत्र विस्तार और उत्क्रमण की दिशा में व्यापक पहल करने जा रही है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में विभाग ने सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र भेजकर नगर निकायों से जुड़े औचित्यपूर्ण प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य में योजनाबद्ध और सतत शहरी विकास को नई गति दी जा रही है। नगर निकायों का पुनर्गठन और क्षेत्र विस्तार बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।


उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2027 को जनगणना कार्य पूर्ण होने के बाद नए नगर निकायों के गठन, पुराने नगर निकायों के उत्क्रमण तथा क्षेत्र विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसी उद्देश्य से सरकार ने अभी से प्रस्ताव आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि जनगणना के बाद आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सके।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि राज्य के कई नगर निकायों में तेजी से शहरीकरण हुआ है, जिससे आसपास के क्षेत्रों की भौतिक संरचना और नागरिक सुविधाएं लगभग समान हो गई हैं। ऐसे क्षेत्रों को एकीकृत कर एक नगरपालिका क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर विचार किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता और शहरी सेवाओं में सुधार हो सके।
उन्होंने यह भी बताया कि तेजी से विकसित हो रहे छोटे शहरी क्षेत्रों को नगर पंचायत से नगर परिषद तथा बड़े नगर परिषदों को नगर निगम में उत्क्रमित करने की संभावनाओं का भी वैधानिक प्रावधानों के तहत परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा जिन नगर निकायों के आसपास शहरी विस्तार हुआ है, वहां क्षेत्र विस्तार के प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।


मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शहरी विकास को सुव्यवस्थित, समावेशी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है। नगर निकायों का वैज्ञानिक पुनर्गठन न केवल प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, प्रभावी शहरी सेवाएं और योजनाबद्ध विकास भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, विधिसम्मत और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाई जाएगी।

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