तेजस्वी को छात्रों की इतनी ही चिंता, तो झारखंड के छात्र आंदोलन पर मौन क्यों? : जद(यू)

पटना, 18 अगस्त 2026।
जनता दल (यू) के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. निहोरा प्रसाद यादव एवं शंभूनाथ सिन्हा ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर आरजेडी के बुधवार को प्रस्तावित लोक भवन मार्च पर तीखा हमला बोला। जद(यू) नेताओं ने इसे छात्रों के हितों की लड़ाई के बजाय तेजस्वी यादव की राजनीतिक साख बचाने की कोशिश करार दिया।
जद(यू) प्रवक्ताओं ने तेजस्वी यादव से सवाल किया कि यदि उन्हें वास्तव में छात्रों के हितों की इतनी चिंता है, तो झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और उसके विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर उन्होंने अब तक चुप्पी क्यों साध रखी है। उन्होंने कहा कि बिहार में छात्रों के नाम पर मार्च निकालने वाले तेजस्वी यादव झारखंड के आंदोलनरत छात्रों के सवाल पर आखिर मौन क्यों हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने झारखंड जाकर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात नहीं की और न ही उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस पहल की। जद(यू) नेताओं के मुताबिक, झारखंड में आरजेडी हेमंत सोरेन सरकार की सहयोगी है, इसलिए वहां छात्रों के मुद्दे पर पार्टी का रुख अलग नजर आता है।
जद(यू) प्रवक्ताओं ने कहा कि बिहार में छात्र हितों की आवाज उठाने और झारखंड में चुप रहने का यह रवैया आरजेडी के कथित दोहरे चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां राजनीतिक लाभ दिखाई देता है, वहां आरजेडी छात्र हितों की बात करती है, जबकि सहयोगी सरकार सवालों के घेरे में हो तो पार्टी मौन हो जाती है।
उन्होंने आरजेडी के लोक भवन मार्च को लेकर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह मार्च छात्रों की समस्याओं के समाधान से अधिक पार्टी की राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश है। जद(यू) नेताओं ने दावा किया कि 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद आरजेडी का जनाधार कमजोर हुआ है और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार का तीसरे स्थान पर रहना इसका उदाहरण है।
जद(यू) ने आरजेडी से पूछे चार सवाल
1. झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर आरजेडी ने अब तक क्या ठोस कदम उठाया है?
2. हेमंत सोरेन सरकार में सहयोगी होने के बावजूद आरजेडी ने छात्रों की मांगें सरकार के सामने क्यों नहीं रखीं?
3. झारखंड के छात्रों के पक्ष में तेजस्वी यादव ने अब तक कोई स्पष्ट बयान क्यों नहीं दिया?
4. बिहार में छात्रों का मुद्दा उठाना और झारखंड में चुप रहना क्या आरजेडी के दोहरे रवैये को नहीं दर्शाता?
जद(यू) नेताओं ने कहा कि आरजेडी को बिहार और झारखंड, दोनों राज्यों में छात्र हितों को लेकर एक समान और स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।









