पटना के बामेती से शुरू हुआ कृषि जनकल्याण संवाद अभियान, शिवराज सिंह चौहान ने किया शुभारंभ

किसान समृद्धि, महिला उद्यमिता, युवा रोजगार और श्रमिक उत्थान पर रहेगा अभियान का फोकस
पटना, 20 अगस्त 2026। पटना के बामेती परिसर से गुरुवार को ‘कृषि जनकल्याण संवाद अभियान’ की शुरुआत हुई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के माध्यम से किसान समृद्धि, महिला उद्यमिता, युवा रोजगार, श्रमिक उत्थान और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर राज्यभर में संवाद किया जाएगा।
अभियान के तहत 22 अगस्त से गया की धरती से जिलास्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इसके बाद राज्य के सभी जिलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कृषि मंत्री किसानों और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ सीधे संवाद करेंगे तथा कृषि से जुड़ी समस्याओं, संभावनाओं और समाधान पर चर्चा करेंगे।
प्राकृतिक और टिकाऊ कृषि पर जोर
‘प्रकृति, प्रतिभा का सम्मान—राष्ट्र एवं समाज का उत्थान’ की अवधारणा पर आधारित इस अभियान में आधुनिक कृषि, फसल प्रबंधन, प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती, कृषि आधारित उद्यमिता, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और किसानों को बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं और वे किसानों के सेवक के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छोटे जोत वाले किसानों की आय बढ़ाने के लिए ऐसी कृषि प्रणाली विकसित करने की जरूरत है, जिसमें कम भूमि में भी अधिक आमदनी हासिल की जा सके।
उन्होंने कृषि लागत को कम करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसानों के सामने जमीन कम होने के साथ-साथ खेती की लागत बढ़ना भी बड़ी चुनौती है। इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
हर जिले तक पहुंचेगा कृषि जनकल्याण संवाद
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जनकल्याण संवाद अभियान पाटलिपुत्र की धरती से शुरू होकर बिहार के हर जिले तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि किसान, महिला, युवा और श्रमिक इस अभियान के केंद्र में हैं और कृषि को जनकल्याण तथा प्रगति का आधार बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार के विकास और खुशहाली के लिए कृषि क्षेत्र का विकास बेहद जरूरी है। आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कृषि आधारित उद्यमिता के माध्यम से किसानों तथा ग्रामीण आबादी के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
कृषि रोड मैप से किसानों को मिला लाभ
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कृषि रोड मैप की शुरुआत की गई थी, जिसका राज्य के कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के किसानों ने मेहनत और नई तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है।
वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि भूमि सर्वेक्षण और जमीन के डिजिटलीकरण का कार्य चल रहा है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी जमीन पर स्पष्ट और विवाद-मुक्त अधिकार मिले।
किसानों ने साझा किए प्राकृतिक खेती के अनुभव
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। विक्रम के रामजीत शर्मा, दुल्हिन बाजार के राम विनय कुमार, मनेर की सुशीला देवी और समस्तीपुर के सुधांशु ने प्राकृतिक विधि से खेती तथा इससे प्राप्त लाभों की जानकारी दी।
किसानों ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उत्पादन में वृद्धि के साथ कृषि लागत को नियंत्रित करने में भी मदद मिली है। समस्तीपुर के किसान सुधांशु ने फल उत्पादन में मिली सफलता का अनुभव साझा करते हुए बताया कि फल की खेती से बेहतर आमदनी हो रही है और इससे अन्य लोगों को भी रोजगार एवं आजीविका के अवसर मिल रहे हैं।
सफल किसानों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसानों रश्मि राय, सुशीला देवी और सोनी देवी सहित अन्य सफल किसानों को प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने किसानों को सम्मानित किया।
सरकार के अनुसार, कृषि जनकल्याण संवाद अभियान के माध्यम से बिहार में कृषि को नई तकनीक, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मूल्य संवर्धन, उद्यमिता और बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।









