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आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी में नदी संकट पर विशेष कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने जागरूकता पर दिया जोर 🌊📰

आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी में नदी संकट पर विशेष कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने जागरूकता पर दिया जोर 🌊📰

पटना स्थित Aryabhatta Knowledge University में नदी संकट और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर Neelam Gupta तथा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर Sharad Kumar Yadav उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने रिवर क्राइसिस (नदी संकट) के बढ़ते प्रभाव, प्रदूषण के कारणों और उसके रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। अपने संबोधन में प्रोफेसर नीलम गुप्ता ने कहा कि नदी संकट को दूर करने के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नदियों का प्रदूषित जल मानव जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है, क्योंकि इसी जल से खेतों की सिंचाई होती है और उसी से उत्पन्न फसल हमारे भोजन का हिस्सा बनती है, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नदी प्रदूषण के प्रमुख कारणों में औद्योगिकीकरण, नालों का सीधा नदी में गिरना, कचरा प्रबंधन की कमी और रासायनिक अपशिष्ट शामिल हैं। वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते इस संकट पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में जल संकट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

वाइस चांसलर शरद कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि नदियों को सुरक्षित रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नदी संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाएं और स्वच्छ जल स्रोतों की रक्षा के लिए संकल्प लें।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। 🌱

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