बिहार में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए यूरिया की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में आज मीठापुर स्थित कृषि भवन में राज्य के प्रमुख उर्वरक विक्रेताओं और उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कृषि निदेशक ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 2.84 लाख टन यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि चुनौती स्टॉक की कमी नहीं, बल्कि इसके सही और संतुलित उपयोग की है।
उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया कि उर्वरकों की बिक्री पूरी जांच-पड़ताल और किसानों की वास्तविक जरूरत के अनुसार ही की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध हो।
वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग पर जोर
कृषि निदेशक ने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने विक्रेताओं से किसानों को जागरूक करने और संतुलित उर्वरक उपयोग की दिशा में पहल करने की अपील की।
गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई थोक विक्रेता, दुकानदार या पदाधिकारी अनियमितता करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
कंपनियों को दिए गए अहम निर्देश
उर्वरक निर्माता कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे Freight on Rate (FOR) के आधार पर उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही उर्वरकों के साथ किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग नहीं करने को कहा गया।
वर्तमान में फसल का पीक सीजन नहीं होने के कारण राज्य और जिला स्तर पर उर्वरकों के सुरक्षित भंडारण और संरक्षण पर जोर दिया गया।
इस बैठक में राज्य के सभी जिलों से 5-5 थोक विक्रेताओं के साथ-साथ विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।









