मन की बात के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर विशेष इंटरव्य
एंकर:
नमस्कार, मैं हूँ ओमकार नाथ और आप देख रहे हैं Rivent Bharat TV। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को शुरू हुए एक दशक से अधिक समय हो चुका है। इस कार्यक्रम के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों की समस्याओं, उपलब्धियों, सामाजिक कार्यों और प्रेरणादायक कहानियों को देशभर तक पहुँचाने का प्रयास किया जाता है।

इसी विषय पर खास बातचीत के लिए हमारे साथ मौजूद हैं मन की बात के संयोजक राजेंद्र सिंह जी। सर, Rivent Bharat TV पर आपका बहुत-बहुत स्वागत है।
राजेंद्र सिंह:
बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके चैनल और सभी दर्शकों को मेरा नमस्कार।
एंकर:
सर, ‘मन की बात’ को लंबे समय से प्रसारित किया जा रहा है। आपके अनुसार इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धियाँ क्या रही हैं?
राजेंद्र सिंह:
देखिए, प्रधानमंत्री जी ने ‘मन की बात’ के माध्यम से देश की जनता से लगातार संवाद स्थापित किया है। इसका उद्देश्य राजनीति से अलग हटकर देशहित, समाजहित और जनहित से जुड़े विषयों को सामने लाना रहा है।
इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों, छोटे कारोबारियों और समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़े मुद्दों को स्थान मिला है। स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, स्थानीय उत्पाद, छोटे उद्योग और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर भी लोगों को प्रेरित किया गया है।
बिहार की बात करें तो मधुबनी पेंटिंग, भागलपुर का जर्दालू आम, राजगीर, नालंदा और बिहार की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों का भी उल्लेख हुआ है। इससे देश के दूसरे हिस्सों के लोगों को बिहार की विशेषताओं के बारे में जानने का अवसर मिला।
एंकर:
सर, अगर किसी एक क्षेत्र की बात करें तो आपको लगता है कि ‘मन की बात’ का सबसे ज्यादा प्रभाव किस क्षेत्र में पड़ा है?
राजेंद्र सिंह:
इसकी सबसे बड़ी विशेषता यही है कि समाज के लगभग हर वर्ग तक इसकी बात पहुँचती है। किसान हों, विद्यार्थी हों, महिलाएँ हों, गरीब हों या छोटे व्यवसाय से जुड़े लोग—अलग-अलग क्षेत्रों की उपलब्धियों और समस्याओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
एंकर:
सर, बिहार का कोई आम नागरिक अपनी बात प्रधानमंत्री तक पहुँचाना चाहे तो वह कैसे पहुँचा सकता है?
राजेंद्र सिंह:
प्रधानमंत्री जी तक अलग-अलग माध्यमों से लोगों की बातें और सुझाव पहुँचते हैं। ‘मन की बात’ में केवल किसी राजनीतिक संगठन के कार्यकर्ताओं की जानकारी पर निर्भर नहीं रहा जाता। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों और स्वतंत्र स्रोतों से भी जानकारी एकत्र की जाती है।
एंकर:
‘मन की बात’ की शुरुआत रेडियो से हुई थी। आज टेलीविजन और डिजिटल माध्यमों का भी विस्तार हो चुका है। क्या आपको लगता है कि इसका जमीनी स्तर पर आमने-सामने संवाद का स्वरूप और बढ़ना चाहिए?
राजेंद्र सिंह:
जमीनी स्तर पर संवाद लगातार होता रहा है। शुरुआत के समय रेडियो की पहुँच बहुत महत्वपूर्ण थी। आज गाँव-गाँव बिजली, मोबाइल और टेलीविजन की पहुँच बढ़ी है। इसलिए आज लोग रेडियो, टेलीविजन और दूसरे माध्यमों से कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं।
एंकर:
अगर भविष्य में आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सीधे मिलने का अवसर मिले, तो ‘मन की बात’ को लेकर आप उनसे क्या सुधार या बदलाव का सुझाव देना चाहेंगे?
राजेंद्र सिंह:
प्रधानमंत्री जी के पास देश के अलग-अलग क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त करने की अपनी विस्तृत व्यवस्था है। बिहार हो या देश का कोई दूसरा हिस्सा, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी लगातार उनके सामने पहुँचती रहती है।
हमारा उद्देश्य यही है कि देश आत्मनिर्भर बने, समाज मजबूत हो और भारत विकास के रास्ते पर आगे बढ़े।
एंकर – समापन:
तो ये थे हमारे साथ राजेंद्र सिंह जी, जिन्होंने ‘मन की बात’ के सफर, इसकी उपलब्धियों और जनता तक इसकी पहुँच को लेकर विस्तार से बातचीत की।
आप देख रहे थे Rivent Bharat TV। मैं हूँ ओमकार नाथ। ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों और विशेष बातचीत के लिए हमारे चैनल से जुड़े रहिए। धन्यवाद।
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