विस्तृत खबर: फर्स्ट AC से 75 लीटर शराब की तस्करी, नेहा झा की गिरफ्तारी के बाद परिवार और नेटवर्क की जांच तेज

समस्तीपुर: बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली से जयनगर जा रही 12561 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। मामले में 25 वर्षीय नेहा झा और उसके साथ यात्रा कर रहे ईशान कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
🚆 गुप्त सूचना पर समस्तीपुर में हुई कार्रवाई
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC फर्स्ट क्लास कोच में शराब की खेप लाई जा रही है। ट्रेन के समस्तीपुर पहुंचने से पहले ही टीम सक्रिय हो गई। ट्रेन के H-1 कोच की जांच के दौरान नेहा के सामान की तलाशी ली गई।

तलाशी में उसके बैग, ट्रॉली और ब्रीफकेस से अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब बरामद हुई। अलग-अलग रिपोर्टों में सामान की संख्या दो सूटकेस से लेकर कई बैग/ब्रीफकेस तक बताई गई है, जबकि बरामद शराब की मात्रा करीब 75 लीटर बताई गई है।
👩 कौन है नेहा झा?
रिपोर्टों के अनुसार, नेहा झा समस्तीपुर जिले के सिंघिया क्षेत्र के बारी गांव, वार्ड-12 की रहने वाली और करीब 25 वर्ष की है। वह चार बहनों में सबसे छोटी बताई गई है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक उसने दरभंगा के एलएस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह उसकी पहली खेप थी या वह पहले भी इसी तरह शराब बिहार ला चुकी थी। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को आशंका है कि वह काफी समय से इस तरह की तस्करी में शामिल हो सकती है।
👨💼 साथ पकड़ा गया ईशान कौन है?
नेहा के साथ गिरफ्तार युवक की पहचान ईशान कुमार के रूप में हुई है। रिपोर्टों में उसे हरियाणा के करनाल का निवासी और नेहा की बड़ी बहन का देवर बताया गया है। कुछ रिपोर्टों में उसकी उम्र करीब 31 वर्ष बताई गई है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ईशान की भूमिका केवल यात्रा में साथ रहने तक थी या वह शराब की इस खेप को बिहार पहुंचाने की पूरी योजना में शामिल था।
👨 पिता भी शराब मामले में जा चुके हैं जेल
इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू नेहा का पारिवारिक इतिहास बताया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उसके पिता पंकज कुमार झा को करीब दो वर्ष पहले सिंघिया पुलिस ने शराब से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में पिता का नाम अलग तरीके से प्रकाशित हुआ है, इसलिए इस नाम की आधिकारिक पुष्टि पुलिस रिकॉर्ड से होना जरूरी है।
👩 बहन भी शराब मामले में गिरफ्तार हो चुकी
रिपोर्टों के मुताबिक नेहा की बहन निशु झा को दरभंगा पुलिस शराब से जुड़े मामले में पहले गिरफ्तार कर चुकी है और उसे जेल भेजे जाने की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में उसकी दो गिरफ्तारियों का भी उल्लेख है।
वहीं दूसरी बहन अंजू झा के दरभंगा के एक डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करने की जानकारी सामने आई है। उसके खिलाफ शराब तस्करी का मामला होने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। इसलिए उसे शराब नेटवर्क से जोड़ना अभी उचित नहीं होगा।
🏠 दरभंगा कनेक्शन की भी जांच
पुलिस को यह जानकारी मिलने की बात सामने आई है कि नेहा और उसकी बहनों का दरभंगा में किराये के मकान से भी संबंध रहा है। नेहा का लक्ष्य दरभंगा पहुंचना बताया गया है।
अब जांच का मुख्य सवाल है कि 75 लीटर शराब आखिर किसे दी जानी थी? पुलिस शराब के स्रोत, संभावित खरीदार और दिल्ली से बिहार तक चल रहे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
🩺 बड़े डॉक्टरों तक शराब पहुंचाने का दावा
इस मामले में ग्रामीण स्तर पर एक और गंभीर दावा सामने आया है। बारी गांव के रहने वाले सुमित ने मीडिया को बताया कि नेहा की पहचान दरभंगा के कुछ बड़े डॉक्टरों और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से थी और शराब वहां पहुंचाने की तैयारी थी।
लेकिन यह दावा अभी पुलिस द्वारा प्रमाणित नहीं किया गया है। इसलिए इसे फिलहाल स्थानीय व्यक्ति का दावा ही माना जाना चाहिए, तथ्य नहीं।
👮♀️ पुलिस अब क्या जांच कर रही है?
पुलिस की जांच अब केवल बरामद शराब तक सीमित नहीं है। संभावित नेटवर्क का पता लगाने के लिए आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके संपर्कों और लेन-देन की जांच की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस मोबाइल फोन, डिजिटल पेमेंट, कॉल डिटेल और WhatsApp चैट जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है:
शराब दिल्ली/हरियाणा से किसने उपलब्ध कराई?
शराब की खेप किस व्यक्ति को पहुंचानी थी?
दरभंगा में संभावित खरीदार कौन हैं?
नेहा इससे पहले कितनी बार शराब ला चुकी है?
ईशान की वास्तविक भूमिका क्या थी?
क्या इस मामले के पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क काम कर रहा है?
⚠️ सबसे महत्वपूर्ण बात
फिलहाल 75 लीटर शराब की बरामदगी और दो गिरफ्तारियां इस मामले के स्थापित तथ्य हैं। लेकिन डॉक्टरों को शराब सप्लाई करने, होम डिलीवरी नेटवर्क चलाने या परिवार के सभी सदस्यों के एक ही नेटवर्क में शामिल होने जैसे दावे अभी जांच के स्तर पर हैं और उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
**जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ हो सकता है कि यह केवल एक शराब की खेप थी या दिल्ली से दरभंगा तक फैले किसी बड़े नेटवर्क की कड़ी।**









