आयकर कानून 2026 में बड़े बदलाव: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी नई व्यवस्था
नई दिल्ली/पटना। भारत में 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागु हो चूका है जिसको लेकर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और कर सहलाकार P. K. MISHRA ने कर मे बदलाव को लेकर महत्वपूर्ण सूचना दिए 
, जिसके तहत प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए प्रावधानों का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना, फाइलिंग प्रक्रिया को आसान करना और करदाताओं को स्पष्ट नियम उपलब्ध कराना है। 📰
मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
अब Financial Year (FY) और Assessment Year (AY) की जगह केवल “Tax Year” शब्द का उपयोग किया जाएगा।
ITR-3 और ITR-4 भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है।
संशोधित रिटर्न अब टैक्स ईयर समाप्त होने के 12 महीने तक दाखिल किया जा सकेगा।
आयकर नियमों की संख्या 500 से घटाकर 333 कर दी गई है।
नई टैक्स स्लैब (Tax Year 2026-27):
₹12 लाख तक की आय पर नई कर व्यवस्था में शून्य टैक्स (Section 87A rebate के तहत)
₹12 लाख से ₹16 लाख तक – 15% टैक्स
₹16 लाख से ₹20 लाख तक – 20% टैक्स
₹20 लाख से ₹24 लाख तक – 25% टैक्स
₹24 लाख से ऊपर – 30% टैक्स
छूट और कटौती:
वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 यथावत रहेगा।
भोजन कूपन पर टैक्स-फ्री सीमा ₹200 प्रति भोजन कर दी गई है।
नियोक्ता द्वारा दिए जाने वाले उपहार की टैक्स-फ्री सीमा ₹15,000 कर दी गई है।
निवेश संबंधी बदलाव:
शेयर बायबैक अब कैपिटल गेन के रूप में टैक्स होगा।
फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT बढ़ाया गया है।
विदेश यात्रा, शिक्षा और मेडिकल रेमिटेंस पर TCS 2% किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया कानून करदाताओं के लिए प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाएगा। ✅









