पटना के बुद्ध स्मृति पार्क में संयुक्त महिला संगठनों द्वारा नालंदा जिले की महिला उत्पीड़न घटना के विरोध में प्रतिवाद सभा आयोजित की गई। सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं तथा सरकार महिला सुरक्षा के दावों पर खरी नहीं उतर रही है।
महिला संगठनों की संयुक्त जांच टीम ने अजयपुर गांव का दौरा कर पीड़िता और ग्रामीणों से बातचीत की। टीम में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन, ऐडवा, बिहार महिला समाज, बिहार महिला समाख्या, इबतिदा नेटवर्क और दलित महिला विकास मंच की प्रतिनिधियां शामिल थीं। जांच के दौरान बताया गया कि 26 मार्च की शाम गांव में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश की गई, जिसमें कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर महिला को बचाया।
टीम ने नूरसराय थाना पुलिस प्रशासन से मुलाकात कर मामले की प्रगति की जानकारी ली। डीएसपी ने बताया कि मामले में 13 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें 10 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है तथा चार्जशीट की तैयारी चल रही है। पुलिस ने स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों को जल्द सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिहार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए सरकार को डीएम और एसपी को जवाबदेह बनाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पीड़िता को सुरक्षा दी जाए और सभी दोषियों को त्वरित न्याय प्रक्रिया के तहत कठोर सजा मिले।
प्रतिवाद सभा में शशि यादव, सरोज चौबे, अनिता सिन्हा, प्रीति कुमारी, रामपरी देवी, बिंदु कुमारी, कृष्णा देवी, रिंकू कुमारी, अख्तरी बेगम, प्रतिमा, अफ्सां जबीं, नसरीन बानो और मीरा दत्त सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं महिला संगठन की प्रतिनिधियां मौजूद रहीं।
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