बिहार में कैंसर के खिलाफ जागरूकता की नई पहल, इलाज से पहले पहचान पर जोर
न्यूज़ रिपोर्ट 📰
पटना: बिहार में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष जनस्वास्थ्य संदेश जारी किया गया है, जिसमें साफ कहा गया है कि कैंसर से लड़ाई इलाज से पहले जागरूकता से शुरू होती है। इस अभियान में यह बताया गया कि बिहार में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और समय रहते जांच व उपचार ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
विशेषज्ञों के अनुसार बिहार देश के उन राज्यों में शामिल है जहां कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। मुंह, स्तन, गर्भाशय, फेफड़ा और पेट के कैंसर के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में जानकारी की कमी, देर से जांच और उपचार तक देर से पहुंचना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
अभियान में यह भी बताया गया कि कैंसर की प्रारंभिक पहचान होने पर मरीजों के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि शुरुआती चरण में जांच हो जाए तो लगभग 60% तक मामलों में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
Nestiva Hospital की CEO डॉ. ऋतु शर्मा ने कहा कि बिहार में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव तक स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाने, नियमित जांच शिविर लगाने और लोगों को लक्षणों के प्रति सतर्क करने से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, नई जांच सुविधाओं और कैंसर उपचार केंद्रों की आवश्यकता है ताकि मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
अभियान का संदेश साफ है—
“अंत में कैंसर से लड़ाई इलाज से पहले जागरूकता से शुरू होती है, और हमारी मुहिम है – स्वस्थ रहेगा बिहार तभी तो बढ़ेगा बिहार।” ✅









