लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर हुई वोटिंग के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़ने के बाद अब इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

विधायक मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “नारी विरोधी मानसिकता” का स्पष्ट प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करना देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा हमला है।
मैथिली ठाकुर ने बयान जारी करते हुए कहा,
“जो लोग सार्वजनिक मंचों पर नारी सम्मान की बात करते हैं, वही संसद में महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हो जाते हैं। यह दोहरी मानसिकता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने आगे कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, लेकिन विपक्ष लगातार इन प्रयासों में बाधा डालता रहा है।
विधायक ने विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि
“विपक्ष महिलाओं के मुद्दों को गंभीरता से लेने के बजाय सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है। यह नारी शक्ति के साथ अन्याय है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अब देश की महिलाओं के सामने विपक्ष का “असली चेहरा” उजागर हो चुका है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा।
अंत में मैथिली ठाकुर ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस दिशा में लगातार काम करती रहेगी।









