बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को डिजिटल पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए फार्मर रजिस्ट्री अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। कृषि भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बिहार के कृषि मंत्री Vijay Kumar Sinha ने पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड के किसानों की फार्मर आईडी बनाकर अभियान का शुभारंभ किया।

इस दौरान मंत्री ने पांच किसानों — श्रीमती लछमिनिया देवी, सुनील कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, अजय कुमार और उदय कुमार — को फार्मर आईडी प्रमाणपत्र भी वितरित किया।
कृषि मंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री केवल एक नंबर नहीं, बल्कि किसानों का डिजिटल पहचान पत्र है, जिससे खाद, बीज, ऋण, फसल सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के खाते तक बिना किसी बाधा के पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि ‘एग्री स्टैक’ बिचौलियों की व्यवस्था को समाप्त कर सरकार और किसान के बीच मजबूत डिजिटल सेतु का काम करेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 88 लाख 40 हजार किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है, जिनमें से 47 लाख 85 हजार किसानों की फार्मर आईडी तैयार हो चुकी है। शेष 40 लाख 54 हजार किसानों की आईडी बनाने का लक्ष्य दूसरे चरण में पूरा किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि बिहार ने पहले चरण में 55 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल कर देशभर में मिसाल कायम की है। इस उपलब्धि के लिए भारत सरकार से राज्य को 269 करोड़ 88 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त हुई है।
कार्यक्रम में बिहार के मुख्य सचिव Pratyay Amrit ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और भूमि संबंधी परिमार्जन की प्रक्रिया भी आसान होगी।
वहीं कृषि विभाग के प्रधान सचिव Narmdeshwar Lal ने किसानों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवाएं।
कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव Jai Singh, कृषि निदेशक Saurabh Suman Yadav, निदेशक उद्यान Abhishek Kumar सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और किसान उपस्थित रहे









