तकनीकी शिक्षा में बिहार का डंका, कई सरकारी पॉलिटेक्निक शाखाओं को मिली NBA मान्यता

बिहार की तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की कई इंजीनियरिंग शाखाओं को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिटेशन (NBA) से मान्यता प्राप्त हुई है। इसे तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, शैक्षणिक उत्कृष्टता और Outcome Based Education (OBE) के सफल क्रियान्वयन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
NBA मान्यता प्राप्त करने वाली शाखाओं में न्यू गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, पटना-13, राजकीय पॉलिटेक्निक औरंगाबाद, राजकीय पॉलिटेक्निक छपरा, किशनगंज, राघोपुर (सुपौल), सहरसा और पश्चिम चंपारण सहित कई संस्थानों की इंजीनियरिंग शाखाएं शामिल हैं।
राज्य सरकार ने इस उपलब्धि को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया है। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि बिहार सरकार तकनीकी शिक्षा को राष्ट्रीय और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और NBA मान्यता उसी दिशा में सार्थक परिणाम है।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिलने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर रोजगार के अवसर, उद्योगों से मजबूत जुड़ाव तथा उच्च शिक्षा के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। सरकार तकनीकी संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल अधोसंरचना, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार निवेश कर रही है।
विद्यार्थियों की संख्या और रोजगार में वृद्धि
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बिहार के पॉलिटेक्निक संस्थानों में कुल 14,040 विद्यार्थी अध्ययनरत थे, जबकि सत्र 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 14,754 हो गई है। वहीं वर्ष 2025-26 में बिहार के पॉलिटेक्निक संस्थानों के 8,000 से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
राज्य प्रावैधिक शिक्षा परिषद, बिहार ने कहा कि भविष्य में और अधिक तकनीकी संस्थानों को NBA मान्यता दिलाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे, ताकि बिहार की तकनीकी शिक्षा राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान स्थापित कर सके।









