पटना, 9 जुलाई 2026: बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹11.81 करोड़ की कृषि ड्रोन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में ड्रोन के माध्यम से फसल संरक्षण और पोषक तत्वों के छिड़काव को प्रोत्साहित किया जाएगा।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन तकनीक के उपयोग से खेती की लागत कम होगी, श्रम की बचत होगी और उत्पादन के साथ-साथ उत्पादकता में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि ड्रोन के जरिए कीटनाशकों, फफूंदनाशकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों का वैज्ञानिक एवं समान छिड़काव संभव होगा। यह पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और प्रभावी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां श्रमिकों की कमी है या कम समय में बड़े क्षेत्र में कार्य करना आवश्यक होता है।
सरकार इस योजना के तहत किसानों, कृषि उद्यमियों, कृषक समूहों और कृषि यंत्र सेवा प्रदाताओं को ड्रोन तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। साथ ही सभी जिलों में प्रशिक्षण, प्रदर्शन और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक किसान इस तकनीक का लाभ उठा सकें।
कृषि मंत्री ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखते हुए सरकार सामुदायिक और सेवा प्रदाता मॉडल विकसित कर रही है, जिससे किसान बिना महंगे उपकरण खरीदे आवश्यकता के अनुसार ड्रोन सेवाओं का लाभ ले सकें।
उन्होंने बताया कि भविष्य में कृषि ड्रोन का उपयोग केवल छिड़काव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फसल स्वास्थ्य की निगरानी, रोग एवं कीट पहचान, पोषक तत्वों के आकलन और कृषि संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में भी किया जाएगा।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि चौथे कृषि रोड मैप के तहत राज्य सरकार कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल कृषि और तकनीकी नवाचारों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की अपील की।
कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि कृषि ड्रोन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में तकनीक आधारित खेती को नई दिशा मिलेगी, उत्पादन लागत घटेगी, उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।










