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पटना हिंसा पर DM-SP की संयुक्त प्रेस वार्ता: उपद्रवियों पर होगी सख्त कार्रवाई, छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील

पटना हिंसा पर DM-SP की संयुक्त प्रेस वार्ता: उपद्रवियों पर होगी सख्त कार्रवाई, छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील

पटना। नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन और हालिया हिंसक घटनाओं के बाद पटना के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। प्रेस वार्ता में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना सभी का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी अथवा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

प्रशासन ने बताया कि आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने सरकारी एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया और आम लोगों की सुरक्षा को प्रभावित किया। ऐसे सभी लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

 

प्रेस वार्ता के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक इस मामले में लगभग 20 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं तथा 50 से 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच लगातार जारी है और जिन अन्य लोगों की पहचान की जा रही है, उनके विरुद्ध भी शीघ्र कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

छात्रों और अभिभावकों से विशेष अपील

 

DM और SP ने छात्रों तथा उनके अभिभावकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को हिंसक गतिविधियों से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र कानून तोड़ते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिससे उसका भविष्य और करियर प्रभावित हो सकता है।

 

अधिकारियों ने कहा कि सरकार और प्रशासन संवाद के लिए हमेशा तैयार हैं। छात्रों की समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण वार्ता और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है।

 

असामाजिक तत्वों पर प्रशासन की पैनी नजर

 

प्रशासन का कहना है कि आंदोलन के दौरान कई ऐसे लोग भी सक्रिय थे जिनका छात्रों से कोई संबंध नहीं था, लेकिन उन्होंने छात्रों के नाम पर हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया। ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।

 

बिहार बंद को लेकर प्रशासन का आश्वासन

 

प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बिहार बंद को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आम नागरिक बिना किसी भय के अपने दैनिक कार्य कर सकते हैं। सरकारी कार्यालय, निजी संस्थान, स्कूल और अन्य आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति जबरन बंद कराने, उपद्रव फैलाने या किसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर गिरफ्तार किया जाएगा।

 

शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील

 

प्रशासन ने एक बार फिर दोहराया कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार कानून के दायरे में रहकर ही प्रयोग किया जाना चाहिए। छात्रों से अपील की गई कि वे निर्धारित स्थानों पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं तथा किसी भी प्रकार की हिंसा, पथराव या तोड़फोड़ से दूर रहें।

 

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन छात्रों की भावनाओं और समस्याओं के प्रति संवेदनशील है तथा हर स्तर पर संवाद के लिए तैयार है। लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

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