बिहार में स्थापित होंगे 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि स्नातकों को 5 लाख तक अनुदान

पटना, 2 सितंबर 2026। बिहार सरकार कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य में 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को उनके क्षेत्र में ही ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसान अब खुद ड्रोन खरीदने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार कस्टम हायरिंग सेंटर से ड्रोन सेवा ले सकेंगे।
कृषि स्नातकों को 50 प्रतिशत तक अनुदान
किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
– कृषि स्नातक आवेदक: परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये तक अनुदान।
– गैर-कृषि स्नातक आवेदक: परियोजना लागत का 40 प्रतिशत, अधिकतम 4 लाख रुपये तक अनुदान।
राज्य में 480 केंद्रों की स्थापना पर कुल 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जिलों में केंद्रों का लक्ष्य संबंधित जिले में प्रखंडों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया गया है।
किसानों को मिलेगी ड्रोन आधारित कृषि सेवा
कृषि मंत्री के अनुसार ड्रोन की मदद से फसलों में कीटनाशी, पोषक तत्व और अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कम समय में किया जा सकता है। इससे कम समय में अधिक क्षेत्र में कृषि कार्य करने में मदद मिलेगी।
कस्टम हायरिंग सेंटर की सुविधा मिलने से किसानों को ड्रोन खरीदने के लिए बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। किसान अपनी जरूरत के मुताबिक इन केंद्रों से ड्रोन सेवा प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इससे कृषि कार्यों में समय और श्रम की बचत के साथ आधुनिक तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल बढ़ेगा।
ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का अवसर
कृषि ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना से किसानों को आधुनिक कृषि सेवाएं मिलने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कृषि में स्नातक युवाओं को ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं के क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रशिक्षित युवा किसानों को आधुनिक तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ खुद के लिए भी आय का नया स्रोत विकसित कर सकेंगे।
कृषि यंत्रीकरण को मिलेगी नई गति
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना बिहार में कृषि यंत्रीकरण को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाना और खेती को अधिक दक्ष, तकनीक-सक्षम एवं लाभकारी बनाना है।
मुख्य बातें:
480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर
₹24 करोड़ कुल अनुमानित व्यय
₹10 लाख प्रति केंद्र परियोजना लागत
₹5 लाख तक कृषि स्नातकों के लिए अनुदान
₹4 लाख तक गैर-कृषि स्नातकों के लिए अनुदान









