पटना के जिला परिषद सभागार में सोमवार को “नारी शक्ति का सम्मान, देश का स्वाभिमान” विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और समाज में उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष कुमारी स्तुति ने की, जबकि उपाध्यक्ष के रूप में आशा देवी उपस्थित रहीं। इस दौरान जिला परिषद के कई सदस्य भी मौजूद रहे और उन्होंने महिलाओं के अधिकारों तथा समाज में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
अध्यक्ष कुमारी स्तुति ने अपने संबोधन में कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इस कानून को जल्द लागू करने की मांग की, ताकि महिलाओं को समान अवसर मिल सके और वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि बिहार में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अहम
उपाध्यक्ष आशा देवी ने कहा कि जब तक महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने सभी से महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की।
सर्वसम्मति से कानून लागू करने की मांग
कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने एक स्वर में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को शीघ्र लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि यह कानून देश में लैंगिक समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और समाज में महिलाओं के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।









