बिहार की राजनीति में छात्र संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Tejashwi Prasad Yadav ने सोमवार को पटना स्थित राजद कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान घोषणा की कि छात्र राष्ट्रीय जनता दल (छात्र राजद) का नाम बदलकर अब सोशलिस्ट स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया कर दिया गया है।

तेजस्वी यादव ने बताया कि पूर्व में संचालित छात्र राजद संगठन को भंग कर दिया गया है और यह नया संगठन Supreme Court of India के निर्देशों तथा Lyngdoh Committee की सिफारिशों के अनुरूप बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस नए संगठन का उद्देश्य शिक्षा, समानता और सशक्तिकरण के मुद्दों पर देशभर के छात्रों को संगठित करना है। यह संगठन राष्ट्रीय जनता दल की छात्र इकाई के रूप में कार्य करेगा और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र हितों के लिए संघर्ष करेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने राज्य की मौजूदा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री का चयन जनता की इच्छा से नहीं बल्कि कुछ व्यक्तियों के फैसले से हो रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि Nitish Kumar के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने राज्य के खजाने को खाली कर दिया है और शिक्षा, स्वास्थ्य व उद्योग के क्षेत्र में बिहार को पीछे धकेल दिया है।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि राज्य में अपराध, भ्रष्टाचार और लूट की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों की अनदेखी कर रही है और ठेकेदारों व जनप्रतिनिधियों के भुगतान तक लंबित हैं।
इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुलबारी सिद्दिकी और छात्र नेता प्रो. नवल किशोर यादव सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
📌 निष्कर्ष:
छात्र राजनीति में इस बदलाव को राजद का बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में विश्वविद्यालयों और युवा राजनीति पर देखने को मिल सकता है।









