संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के पारित नहीं होने को लेकर बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एनडीए की महिला नेताओं ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ कई महिला जनप्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।
राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए था, लेकिन विपक्ष ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि संसद का विशेष सत्र महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन विपक्ष के रुख से उनका “चेहरा बेनकाब” हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पिछले तीन दशकों से इस मुद्दे को लटकाता रहा है और इस बार भी वही रवैया अपनाया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की महिलाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है और वे उम्मीद करती हैं कि उन्हें उनका अधिकार जरूर मिलेगा।
महिलाओं के अपमान का जवाब देगी आधी आबादी: लेसी सिंह
पूर्व मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि एनडीए सरकार लगातार महिलाओं को सशक्त करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को गंभीरता से लेने के बजाय मजाक बनाया और इसके पारित न होने पर खुशी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश की महिलाएं इस “अपमान” का जवाब जरूर देंगी।
विपक्ष महिला विरोधी मानसिकता का परिचायक: स्नेहलता कुशवाहा
राष्ट्रीय लोक मोर्चा की विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने विपक्ष को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी गांव-गांव जाकर इस मुद्दे पर महिलाओं को जागरूक करेगी और विपक्ष की मानसिकता को उजागर करेगी।
महिलाओं की ताकत को कमजोर करने का प्रयास: ज्योति देवी
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा की विधायक ज्योति देवी ने कहा कि विपक्ष ने हमेशा महिलाओं की ताकत को कम करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का पारित नहीं होना केवल सरकार नहीं, बल्कि पूरे देश की महिलाओं का अपमान है।
पीएम मोदी पर भरोसा, बिल जरूर होगा पास: शोभा सिन्हा पासवान
लोजपा (रामविलास) महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिन्हा पासवान ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले समय में यह बिल जरूर पारित होगा।
कई महिला जनप्रतिनिधि रहीं मौजूद
इस प्रेस वार्ता में एमएलसी अनामिका सिंह पटेल, निवेदिता सिंह, विधायक संगीता कुमारी, महापौर सीता साहू, जिला परिषद अध्यक्ष स्तुति गुप्ता, महिला आयोग की अध्यक्ष सजल झा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान और प्रीति शेखर सहित कई महिला नेता उपस्थित रहीं।
निष्कर्ष:
महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एनडीए की महिला नेताओं ने इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा अहम मुद्दा बताते हुए विपक्ष के रुख की कड़ी आलोचना की है, जबकि आने वाले समय में इस मुद्दे के और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।









