बिहार में लंबित ट्रैफिक चालान मामलों के शीघ्र निपटारे को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई है। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने इन मामलों को तेजी से सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाने का फैसला किया है।
दरअसल, 20 अप्रैल 2026 को उच्च न्यायालय में CWJC/20071/2025 (Rani Tiwari vs State of Bihar) मामले की सुनवाई के दौरान ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों को लोक अदालत में नहीं भेजे जाने पर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए सरकार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
नेशनल लोक अदालत में होगा निपटारा
सरकार ने निर्णय लिया है कि ट्रैफिक चालान मामलों का निपटारा अब नेशनल लोक अदालत के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर एक व्यवस्थित प्रक्रिया तैयार की जा रही है।
नई स्कीम से मिलेगा लाभ
ट्रैफिक चालान मामलों के आसान निपटारे के लिए राज्य सरकार ‘ट्रैफिक चालान ट्रांस सेटलमेंट स्कीम 2026’ लागू करने जा रही है। इस स्कीम के तहत:
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज मामलों का सेटलमेंट संभव होगा
जारी चालान की तारीख से 90 दिनों के भीतर मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत किया जा सकेगा
लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी
वर्चुअल कोर्ट और पायलट प्रोजेक्ट
सरकार ने ट्रैफिक चालान मामलों के लिए वर्चुअल कोर्ट की स्थापना का पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया है। फिलहाल यह व्यवस्था पटना और मुजफ्फरपुर में लागू की जा रही है, जिससे प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तेज बनाया जा सके।
27 अप्रैल को अगली सुनवाई
इस मामले में अगली सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है। सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह तब तक आवश्यक नोटिफिकेशन जारी कर दे, ताकि 9 मई 2026 को होने वाली नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो सके।
लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
इस पहल से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित चालान मामलों का समाधान तेजी से होगा और न्यायिक प्रक्रिया का बोझ भी कम होगा।










