बिहार सरकार के कृषि विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त प्रयास से राज्य में किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए विशेष “फार्मर रजिस्ट्री अभियान” की शुरुआत की जा रही है। यह अभियान 12 मई 2026 से 30 जून 2026 तक मिशन मोड में चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन सभागार से फुलवारीशरीफ प्रखंड के किसानों का फार्मर आईडी बनाकर की जाएगी।

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जनवरी और फरवरी में चलाए गए तीन चरणों के अभियान के दौरान अब तक 47 लाख 85 हजार 878 किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को तकनीक से जोड़ने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने जानकारी दी कि जनवरी माह में 6 जनवरी से 11 जनवरी के बीच पहले मिशन मोड अभियान में 10 लाख 14 हजार 981 किसानों का फार्मर आईडी बनाया गया। दूसरे चरण में 17 जनवरी से 21 जनवरी के बीच 7 लाख 15 हजार 96 किसानों का पंजीकरण हुआ, जबकि फरवरी में 2 फरवरी से 11 फरवरी तक चले तीसरे अभियान में 10 लाख 37 हजार 283 फार्मर आईडी तैयार किए गए।
कृषि मंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के तहत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान की जाएगी। इससे पीएम-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तथा अन्य कृषि सहायता योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए किसानों को केवल आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और अपने नाम से दर्ज जमाबंदी की जानकारी देनी होगी। किसान स्वयं बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल या क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा, नजदीकी सीएससी केंद्र, कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार की सहायता से भी फार्मर आईडी बनवाई जा सकती है।
मंत्री ने कहा कि डिजिटल पहचान बनने के बाद किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। फसल नुकसान की स्थिति में वास्तविक क्षति के आधार पर सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंचाई जा सकेगी।
विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी किसानों से अपील की कि वे इस विशेष अभियान के दौरान अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी।
किसानों की सहायता के लिए कृषि विभाग का हेल्पलाइन नंबर 18001801551 तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का हेल्पलाइन नंबर 18003456215 जारी किया गया है।
बैठक में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









