पटना, 20 जुलाई 2026: प्रज्ञा संस्थान ने चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान (CIMP) के सहयोग और एडवांस्ड स्टडी इंस्टीट्यूट ऑफ एशिया (ASIA) के नॉलेज पार्टनर के रूप में “मखाना संवाद: सुदृढ़ बाज़ार पारिस्थितिकी तंत्र की ओर” का आयोजन किया। कार्यक्रम में मखाना उत्पादकों, व्यापारियों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लेकर मखाना मूल्य श्रृंखला को मजबूत बनाने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर चर्चा की।

कार्यक्रम का उद्घाटन CIMP BIIF के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं TiE पटना के अध्यक्ष कुमोद कुमार ने किया। उन्होंने मखाना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। प्रज्ञा संस्थान के एसोसिएट डायरेक्टर कमलकांत पाठक ने संवाद की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए मखाना क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों और संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
ASIA की शिवानी सिंह ने भारत और वैश्विक स्तर पर मखाना उद्योग की स्थिति, बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग, निर्यात संभावनाओं और भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को मजबूत करने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

संवाद में मखाना की गुणवत्ता मानकीकरण, मूल्य निर्धारण, लॉजिस्टिक्स, ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन, निर्यात, वैज्ञानिक प्रसंस्करण, परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना और गुणवत्ता प्रमाणन व्यवस्था को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने भारतीय मखाना की एक विशिष्ट वैश्विक पहचान विकसित करने पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) उन्नत पंडित, कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिज़ाइन्स एंड ट्रेड मार्क्स (CGPDTM), भारत सरकार ने कहा कि मखाना को वैश्विक सुपरफूड के रूप में स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने IPR, ब्रांडिंग, नवाचार, गुणवत्ता आश्वासन, मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार संपर्क को इसकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक होने के बावजूद भारत को अपनी पूरी बाजार क्षमता हासिल करने के लिए पारदर्शी बाजार व्यवस्था, आधुनिक अवसंरचना, वैज्ञानिक प्रसंस्करण, प्रभावी लॉजिस्टिक्स और सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और निर्यात विस्तार के लिए नीतिगत सहयोग पर भी जोर दिया गया।
संवाद में ऑर्गेनिक सत्त्वा की लिली झा, तिरहुतवाला डॉट कॉम के अभिनव झा, मिथिला भोज के केशव कुमार, बोधिका के अजय कुमार समेत मखाना क्षेत्र से जुड़े अनेक उद्यमियों, व्यापारियों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सरकार, उद्योग, शोध संस्थानों और किसान संगठनों के संयुक्त प्रयासों से मखाना के लिए एक सुदृढ़, प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बाजार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा।









