उर्वरक-बीज-कीटनाशी में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं, दोषी प्रतिष्ठानों पर होगी सख्त कार्रवाई: विजय कुमार सिन्हा

पटना, 13 अगस्त 2026। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उर्वरक, बीज और कीटनाशी की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में होलसेलर और रिटेलर स्तर पर आपूर्ति, निर्धारित दर, कंपनियों की भूमिका तथा FoR (Freight on Road) व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि उपादान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। अमानक उर्वरक, बीज या कीटनाशी की बिक्री, अधिक कीमत पर बिक्री, कालाबाजारी, अनियमित वितरण या टैगिंग जैसी किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी थोक एवं खुदरा प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि “बिहार को कंपनियों की चारागाह नहीं बनने दिया जाएगा।” किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की मनमानी या अनुचित व्यापारिक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। कृषि मंत्री ने कंपनियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और राज्य की उर्वरक वितरण व्यवस्था के प्रति जिम्मेदारी निभाने का निर्देश दिया।
FoR व्यवस्था को जमीन पर लागू करने का निर्देश
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि FoR व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसका वास्तविक लाभ समय पर किसानों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए बिहार सरकार भारत सरकार और संबंधित उर्वरक कंपनियों के साथ आवश्यक समन्वय कर ठोस कार्रवाई करेगी।
उन्होंने होलसेलर, रैक हैंडलर और संबंधित कंपनियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की चेतावनी दी। साथ ही कहा कि यदि किसी होलसेलर को कंपनी द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है, तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दी जाए।
कृषि मंत्री ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने जिले के होलसेलरों के साथ बैठक कर उर्वरक आपूर्ति एवं वितरण से जुड़ी समस्याओं की विस्तृत जानकारी लेने और उसकी रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
राज्य में पर्याप्त उर्वरक स्टॉक
कृषि विभाग के अनुसार, 13 अगस्त 2026 की स्थिति में राज्य में 3.82 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.33 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.46 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.67 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 1.23 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है।
मंत्री ने अधिकारियों को फसल आच्छादन और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर प्रखंडवार उर्वरक का उप-आवंटन करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सके।
294 प्रतिष्ठानों के प्राधिकार पत्र रद्द
सरकार की ओर से बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य पर बिक्री के खिलाफ लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 में 13 अगस्त 2026 तक अनियमितता के मामले में 58 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 294 प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के हित में जल्द ही सघन जांच एवं निगरानी अभियान शुरू किया जाएगा। इस दौरान उर्वरक, बीज और कीटनाशी की उपलब्धता, आपूर्ति, कीमत, वितरण व्यवस्था और रिटेलर स्तर तक उत्पाद पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित एवं उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण कृषि उपादान आसानी से उपलब्ध कराना है और किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।









