निशांत कुमार के 100 दिन: स्पष्ट नीति, तेज फैसले और मरीजों के कल्याण पर जदयू ने गिनाईं उपलब्धियां

पटना, 20 अगस्त 2026। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के स्वास्थ्य विभाग में 100 दिनों के कार्यकाल को लेकर जद (यू) ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। जद (यू) विधान पार्षद सह मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनुप्रिया यादव एवं प्रदेश प्रवक्ता चंदन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर स्वास्थ्य क्षेत्र में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।
जद (यू) नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत लिए गए निर्णयों को धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा तेज फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 8 मई को स्वास्थ्य मंत्री का पदभार संभालने के बाद महज 104 दिनों में मरीजों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
अनावश्यक रेफरल पर रोक
जद (यू) नेताओं के अनुसार, मरीजों को अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। बेवजह रेफर करने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई का फैसला लिया गया है। पार्टी ने कहा कि इससे स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों की मरीजों के प्रति जवाबदेही बढ़ेगी।
जिला अस्पतालों में 36 प्रकार के ऑपरेशन
प्रेस वार्ता में बताया गया कि जिला अस्पतालों में 36 प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी दूर करने के लिए नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज की गई है।
जद (यू) ने दावा किया कि कम समय में सैकड़ों पदों पर भर्ती की गई है। अस्पतालों में वेंटिलेटर और डायलिसिस जैसी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ मरीजों को 504 प्रकार की मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है।
टीबी के खिलाफ बड़े अभियान का दावा
बिहार में टीबी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का जिक्र करते हुए जद (यू) नेताओं ने कहा कि 2 जुलाई से 31 जुलाई तक चले अभियान में 1 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1.90 करोड़ मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। वहीं, 5.91 लाख मरीजों की एक्स-रे जांच की गई।
पार्टी नेताओं ने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य बीमारी के गंभीर होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते उसकी पहचान कर उपचार की दिशा में कदम बढ़ाना है।
‘स्पष्ट नीति, तेज निर्णय और जमीन पर परिणाम’
जद (यू) नेताओं ने कहा कि “सम्राट-निशांत मॉडल” का मूल मंत्र स्पष्ट नीति, तेज निर्णय और जमीन पर दिखाई देने वाला परिणाम है। उनके मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग में अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने, विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार करने, दवा और जांच की पहुंच मजबूत करने तथा अनावश्यक रेफरल को रोकने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार प्रचार से अधिक परिणाम पर भरोसा करते हैं। पार्टी का दावा है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे बदलाव अब केवल सरकारी दावों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं में भी दिखाई देने लगे हैं।









