बिहार में युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल करेंगे कांग्रेस के MLC प्रत्याशी डॉ. असद अल्लाह खां पटना में घर से दुकान-ऑफिस चलाने वालों पर नगर निगम की कार्रवाई तेज, 26,746 मामलों से शुरू हुआ विवाद; 24 आवासीय कॉलोनियां भी रडार पर भागलपुर में SSP पर कांस्टेबल ने तानी बंदूक, पहचान की पुष्टि तक गेट पर रोका; जानिए पूरा मामला पटना में अफसर दंपती के ठिकानों पर निगरानी की बड़ी रेड, 39 लाख कैश और 3 दर्जन से ज्यादा महंगी घड़ियां बरामद बिहार में विधवा महिलाओं के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भारतीय विधवा महिला उत्थान फाउंडेशन की पहल, ₹5,000 पेंशन की मांग सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर भाजपा विधानमंडल दल की बैठक, वरिष्ठ नेताओं ने बनाई रणनीति

बिहार के कृषि बाजार बनेंगे आधुनिक व्यापार केंद्र, ₹1288 करोड़ से 22 बाजार प्रांगणों का होगा कायाकल्प

पटना | 13 जुलाई 2026
बिहार सरकार कृषि बाजारों को आधुनिक व्यापार केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि रोड मैप (2023-28) के तहत राज्य के कृषि उपज बाजार प्रांगणों का व्यापक आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि किसानों को बेहतर बाजार, वैज्ञानिक भंडारण, आधुनिक विपणन और मूल्य संवर्धन की सुविधाएं मिल सकें।


उन्होंने बताया कि राज्य के 22 कृषि उपज बाजार प्रांगणों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण और समुचित विकास पर ₹1288.66 करोड़ की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। इनमें से 8 बाजार प्रांगणों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष में निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
मंत्री ने कहा कि आधुनिक बाजारों में गोदाम, प्रशासनिक भवन, किसान विश्राम गृह, शौचालय, पेयजल, पार्किंग, आंतरिक सड़कें, इलेक्ट्रॉनिक तौल प्रणाली और बेहतर प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी और विपणन लागत भी कम होगी।
उन्होंने बताया कि 2026-27 में नाबार्ड सहायता प्राप्त 12 बाजार प्रांगणों के विकास के लिए ₹46.03 करोड़, जबकि 9 अन्य बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण के लिए ₹59.23 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
कृषि मंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा बिचौलियों की भूमिका कम कर किसानों को सीधे बाजार से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि बिहार के मखाना, मक्का, फल, सब्जियां, धान और गेहूं जैसे कृषि उत्पादों की देश-विदेश में बढ़ती मांग को देखते हुए आधुनिक कृषि बाजारों का विकास समय की आवश्यकता है। इससे कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं की नियमित समीक्षा कर रही है, ताकि आधुनिक कृषि बाजारों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें