बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब कानून बनने की दिशा में अग्रसर है, जो देश में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होगा। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्रेयसी सिंह ने कहा कि यह अधिनियम केवल महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि “जब महिलाएँ नेतृत्व करती हैं, तो सभी को लाभ होता है” और यह अधिनियम इसी सोच को आगे बढ़ाता है।
उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी, जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित सीटें भी शामिल होंगी। इससे महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व दोनों में वृद्धि होगी।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि आज देश में महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान कर रही हैं और कई जगहों पर उनकी भागीदारी पुरुषों से भी अधिक देखी गई है। यह संकेत है कि महिलाएं अब लोकतंत्र के केंद्र में आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि “जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे सिर्फ पद नहीं संभालतीं, बल्कि शासन को भी मजबूत बनाती हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा महिलाओं को ‘शक्ति’ के रूप में देखा है और अब इस सोच को कानून का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा के लिए आधी आबादी केवल नारा नहीं, बल्कि वास्तविक प्रतिबद्धता है।
मंत्री ने उम्मीद जताई कि इस महत्वपूर्ण कानून को लेकर सभी राजनीतिक दल समर्थन करेंगे, ताकि देश में समावेशी और सशक्त लोकतंत्र का निर्माण हो सके।
इस मौके पर पूर्व एमएलसी किरण घई, विधायक संगीता कुमारी, अनामिका पासवान, सजल झा, प्रीति शेखर, पूनम सिंह और संगीता सिंह सहित कई नेता उपस्थित रहीं।









