बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भाजपा के जन आक्रोश महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि राज्य में नारी शक्ति के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एनडीए सरकार महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सम्मेलन का आयोजन लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने के विरोध में किया गया था। इससे पहले भाजपा द्वारा जन आक्रोश महिला मार्च भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महागठबंधन के दल महिला सशक्तिकरण की बजाय परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं और अपने ही परिवार की महिलाओं को सत्ता में लाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि महिला आरक्षण विधेयक लागू होता, तो विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि होती। उन्होंने विपक्षी दलों—विशेषकर राहुल गांधी और लालू प्रसाद यादव—पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग महिलाओं के व्यापक प्रतिनिधित्व की बजाय सीमित राजनीतिक लाभ चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बिहार में एनडीए सरकार ने पंचायती राज और नगर निकायों में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य में महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या 59 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।

महिलाओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी महिला के साथ असुरक्षा का माहौल पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। “जो भी महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे पाताल से भी खोज निकालेंगे,” उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी।
सम्मेलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित एनडीए की कई महिला नेत्रियों ने हिस्सा लिया और इसे राज्यभर में जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।









